Moral story

एक गाँव में 10, साल का लड़का अपनी माँ के साथ रहता था।माँ ने सोचा कल मेरा बेटा मेले में जाएगा, उसके पास 10 रुपए तो हो,ये सोचकर माँ ने खेतो में काम करके शाम तक पैसे ले आई।बेटा स्कूल से आकर बोला खाना खाकर जल्दी सो जाता हूँ, कल मेले में जाना है।सुबह माँ से बोला – मैं नहाने जाता हूँ, नाश्ता तैयार रखना, माँ ने रोटी बनाई, दूध अभी चूल्हे पर था,माँ ने देखा बरतन पकडने के लिए कुछ नहीं है, उसने गर्म पतीला हाथ से उठा लिया, माँ का हाथजल गया।बेटे ने गर्दन झुकाकर दूध रोटी खाई और मेले में चला गया।शाम को घर आया, तो माँ ने पूछा- मेले में क्या देखा, 10 रुपए का कुछ खाया कि नहीं..!!बेटा बोला – माँ आँखें बंद कर, तेरे लिए कुछ लाया हूँ।माँ ने आँखें बंद की, तो बेटे ने उसके हाथ में गर्म बरतन उठाने के लिए लाई सांडसी रख दी।अब माँ तेरे हाथ नहीं जलेंगे।माँ की आँखों से आँसू बहने लगे।दोस्तों,माँ के चरणों मे स्वर्ग हैकभी उसे दुखी मत करोसब कुछ मिल जाता है,पर माँ दुबारा नहीं मिलती।
मां से प्यार करते हो तो आगे शेयर जरुर करनाधन्यवाद!!

Comments