Posts

Showing posts with the label Loving Inspirational hindi story

लघुकथाएं

धारणा मैं इस शहर में बिल्कुल अनजान था । काफी भाग–दौड़ करके किसी तरह पासी मुहल्ले में एक मकान खोज सका था । परसों ही परिवार शिफ्ट किया था । बातों ही बातो में ऑफिस में पता चल गया कि मैं अपना परिवार पासी मुहल्ले में शिफ्ट कर चुका हूँ। बड़े साहब चौंके–’’ आप सपरिवार इस मुहल्ले में रह पाएँगे ?’’ ‘‘क्या कुछ गड़बड़ हो गई सर ?’’ मैने हैरान होकर पूछा । ‘‘बहुत गन्दा मुहल्ला है । यहॉं आए दिन कुछ न कुछ होता रहता है । सॅंभलकर रहना होगा ।’’ साहब के माथे पर चिन्ता की रेखाएँ उभरी–‘‘यह मुहल्ला गंदे मुहल्ले के नाम से बदनाम है । गुडागर्दी कुछ ज्यादा ही है ।’’ मैं अपनी सीट पर आकर बैठा ही था कि बड़े बाबू आ पहुचे–‘‘सर आपने मकान गंदे मुहल्ले में लिया है ?’’ ‘‘लगता है मैने ठीक नही किया है ’’–मैं पछतावे के स्वर में बोला । ‘‘हाँ सर,ठीक नहीं किया । यह मुहल्ला रहने लायक नहीं है । जितनी जल्दी हो सके, मकान बदल लीजिए उन्होंने अपनी अनुभवी आँखें मुझ पर टिका दीं । इस मुहल्ले में आने के कारण मैं चिन्तित हो उठा । घर के सामने पान–टॉफी बेचने वाले खोखे पर नजर गई । खोखे वाला काला–कलूटा मुछन्दर एक दम छॅंटा हुआ गुण...

बाड़े की कील

Image
Don't loose your temper   बाड़े की कील  बहुत समय पहले की बात है, एक गाँव में एक लड़का रहता था. वह बहुत ही गुस्सैल था, छोटी-छोटी बात पर अपना आप खो बैठता और लोगों को भला-बुरा कह देता. उसकी इस आदत से परेशान होकर एक दिन उसके पिता ने उसे कीलों से भरा हुआ एक थैला दिया और कहा कि , ” अब जब भी तुम्हे गुस्सा आये तो तुम इस थैले में से एक कील निकालना और बाड़े में ठोक देना.”  पहले दिन उस लड़के को चालीस बार गुस्सा किया और इतनी ही कीलें बाड़े में ठोंक दी.पर  धीरे-धीरे कीलों  की संख्या घटने लगी,उसे लगने लगा की कीलें ठोंकने में इतनी मेहनत करने से अच्छा है कि अपने क्रोध पर काबू किया जाए और अगले कुछ हफ्तों में उसने अपने गुस्से पर बहुत हद्द तक  काबू करना सीख लिया. और फिर एक दिन ऐसा आया कि उस लड़के ने पूरे दिन में एक बार भी अपना temper नहीं loose किया. जब उसने अपने पिता को ये बात बताई तो उन्होंने ने फिर उसे एक काम दे दिया, उन्होंने कहा कि ,” अब हर उस दिन जिस दिन तुम एक बार भी गुस्सा ना करो इस बाड़े से एक कील निकाल निकाल देना.” लड़के ने ऐसा ही किया, और...