कैसे बचें स्वाइन फ्लू से ?
Add caption स्वाइन फ्लू श्वसन संस्थान (रेस्पिरेटरी सिस्टम ) से सम्बंधित वायरस से फ़ैलाने वाली एक गंभीर बीमारी है| इसके वायरस का नाम h१n१ है| आज सम्पूर्ण मानव जाति इससे त्रस्त है| इस बीमारी से बचना ही सबसे बेहतर उपाय है| रोग का प्रचार - जब कोई व्यक्ति खांसता या छींकता है तो उसके मुहं से कफ के छोटे छोटे कण निकलते हैं इन्ही कफ के कणों में वायरस छिपे रहते हैं जब कोई स्वस्थ व्यक्ति इन कफ की बूंदो के संपर्क में आता है तो वह इन वायरस से संक्रमित हो जाता है| लक्षण- तेज बुखार, नाक का लगातार बहना, गले में खराश, अत्यधिक थकान, छींकें आना, तेज सिरदर्द होना| ये ऐसे लक्षण हैं जो सामान्य सर्दी, जुकाम एवं फ्लू में भी होते हैं अंतर ये है की स्वाइन फ्लू में ये गंभीर किस्म के होते है| कभी कभी उल्टी दस्त जैसे पाचन संस्थान के लक्षण भी साथ में होते है। यदि उपरोक्त में से ३-४ लक्षण भी लगातार बने रहें और दवा लेने के बावजूद लक्षणों में आराम न हो तो तुरंत आलस्य त्याग कर बड़े अस्पताल में जाएँ| इनका रखें विशेष ध्यान- बुजुर्ग, छोटे बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं को इस रोग के प्रति विशेष ध्यान ...